Ajey Review: त्याग, भक्ति और देशभक्ति से भरी मुख्यमंत्री Yogi की असली कहानी

Ajey Review: त्याग, भक्ति और देशभक्ति से भरी मुख्यमंत्री Yogi की असली कहानी

संन्यासी से मुख्यमंत्री तक: Yogi आदित्यनाथ की असली जीवन यात्रा पर्दे पर

फिल्म ‘Ajey: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी’ 19 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह बायोपिक मुख्यमंत्री Yogi आदित्यनाथ के संन्यासी बनने से लेकर उत्तर प्रदेश के सबसे युवा सांसद और बाद में मुख्यमंत्री बनने तक की यात्रा को पर्दे पर जीवंत करती है।

निर्देशक रविंद्र गौतम, जिन्हें पहले ‘महारानी सीजन 2’ और ‘इक्कीस तोपों की सलामी’ जैसी परियोजनाओं के लिए जाना जाता है, इस बार एक राजनीतिक और आध्यात्मिक यात्रा को दर्शकों के सामने लेकर आए हैं। फिल्म का आधार शांतनु गुप्ता की बेस्टसेलिंग किताब ‘द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर’ है, और इसे अजय सिंह बिष्ट की असाधारण जीवन-गाथा पर आधारित कहा जा सकता है।

कहानी

फिल्म दिखाती है कि कैसे हिमालय के एक छोटे और शांत गांव से निकला अजय सिंह बिष्ट, जो बाद में Yogi आदित्यनाथ बने, देश की सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलते हुए राजनीति में कदम रखते हैं। फिल्म का हर सीन उनके जीवन के अलग पहलू को सामने लाता है—संन्यासी जीवन की शांतिपूर्ण साधना, युवा अजय की जिज्ञासा और संघर्ष, और राजनीतिक दुनिया की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियाँ।

हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता और ग्रामीण परिवेश फिल्म की शुरुआत से ही दर्शकों को कहानी से जोड़ती है। शुरुआती सीन्स अजय के पालन-पोषण और उनके जीवन के मूल्य को प्रभावी ढंग से पेश करते हैं। फिल्म का अंत दर्शकों को यह महसूस कराता है कि Yogi आदित्यनाथ ने हमेशा देश की सेवा और अपने आदर्शों के लिए समर्पण को चुना।

अभिनय

मुख्य भूमिका में अनंत जोशी ने अजय/Yogi आदित्यनाथ का किरदार बखूबी निभाया है। उनकी अदाकारी युवा और वयस्क दोनों आयामों में प्रामाणिक है। परेश रावल महंत अवैद्यनाथ के रूप में अजय के जीवन में गुरु और मार्गदर्शक की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से निभाते हैं।
दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने पत्रकार के रूप में कहानी में जान डाल दी है, और बाकी सहायक कलाकार भी फिल्म को यथार्थपूर्ण और विश्वसनीय बनाने में सफल रहे हैं।

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निर्देशन

रविंद्र गौतम ने फिल्म को इस तरह निर्देशित किया है कि अजय के निजी और सार्वजनिक जीवन के बीच संतुलन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। फिल्म युवा अजय के शुरुआती संघर्षों से लेकर उनके राजनीतिक और आध्यात्मिक उत्थान तक सहजता से आगे बढ़ती है। निर्देशक ने राजनीति और भक्ति दोनों के बीच संतुलन बनाए रखा है, जिससे दर्शक चरित्र और कहानी से भावनात्मक रूप से जुड़ पाते हैं।

सिनेमैटोग्राफी और संगीत

सिनेमैटोग्राफी हिमालय की शांति और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक माहौल दोनों को प्रभावी ढंग से दिखाती है। हालांकि कुछ जगहों पर दृश्य अपेक्षित गहराई से प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, लेकिन विज़ुअल ट्रीटमेंट और बैकग्राउंड स्कोर कहानी में भावनाओं को और भी मजबूती प्रदान करते हैं।
अवधारित भारतीय वाद्य यंत्रों और आधुनिक संगीत का मिश्रण फिल्म में योगी के जीवन की आध्यात्मिकता और देशभक्ति को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करता है।

‘Ajey : द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी’ सिर्फ एक राजनीतिक बायोपिक नहीं है। यह त्याग, भक्ति, नेतृत्व और व्यक्तिगत दृढ़ संकल्प की कहानी है। बेहतरीन अभिनय, संतुलित निर्देशन और प्रेरक कहानी के साथ, यह फिल्म अजय सिंह बिष्ट/ Yogi आदित्यनाथ की जीवन यात्रा को प्रभावशाली रूप में पेश करती है।

फिल्म मुख्य रूप से राजनीति और आध्यात्मिकता में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए उपयुक्त है। हल्की-फुल्की फिल्म नहीं होने के बावजूद, यह अनुभव देने वाली और सोचने पर मजबूर करने वाली कहानी है। हमारे हिसाब से इसे 5 में से 3 स्टार मिलना चाहिए।

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