नई दिल्ली: हाल ही में Dhirendra Shastri द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज को
लेकर दिए गए बयान ने देशभर में बहस छेड़ दी है।
जिसे लेकर अभिनेता रितेश देशमुख की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
इस पूरे विवाद पर Riteish Deshmukh ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपनी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि जब कोई व्यक्ति भगवान शिव के बारे में गलत और बेबुनियाद बातें फैलाता है,
तो एक शिवभक्त के तौर पर इसे स्वीकार करना मुश्किल होता है और यह बात गुस्सा दिलाने वाली है।
Riteish Deshmukh ने छत्रपति शिवाजी महाराज के सम्मान में लिखा कि जैसे सह्याद्री पर्वत सदियों से अडिग खड़े हैं,
वैसे ही Shivaji Maharaj का नाम भी हमेशा अमर रहेगा।
उन्होंने अपने शब्दों में शिवाजी महाराज को एक महान, शक्तिशाली और
गौरवशाली शासक बताते हुए उनके प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की।
उनका यह बयान सामने आने के बाद यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया।
क्या कहा था बागेश्वर बाबा ने
धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में नागपुर के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान शिवाजी महाराज को
लेकर एक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज लगातार युद्धों के कारण बेहद थक चुके थे।
वे अपने गुरु रामदास स्वामी के पास पहुंचे और सम्मान स्वरूप अपना मुकुट उनके चरणों में रख दिया।
Dhirendra Shastri के अनुसार, उस समय शिवाजी ने कहा था कि वे अब युद्ध नहीं करना चाहते
क्योंकि वे अत्यधिक थकान महसूस कर रहे हैं, और आगे राज्य की जिम्मेदारी उनके गुरु को सौंपना चाहते थे।
फिल्म ‘राजा शिवाजी’ भी चर्चा में
इस बयान के अलावा, इन दिनों Riteish Deshmukh अपनी
आने वाली फिल्म राजा शिवाजी को लेकर भी चर्चा में हैं।
यह फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, जिसमें वह शिवाजी महाराज का किरदार निभा रहे हैं।
फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही उत्साह है,
और इस विवाद के बाद फिल्म का नाम और ज्यादा सुर्खियों में आ गया है।
धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी
वहीं विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान पर माफी मांग ली है।
उन्होंने कहा है कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था।
अगर उनके शब्दों से किसी को दुख हुआ है,
तो उन्हें इसका खेद है।
उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रति सम्मान जताते हुए कहा
कि वे एक महान व्यक्तित्व हैं और उनका हमेशा आदर किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है।
कुछ लोग धीरेंद्र शास्त्री के बयान का विरोध कर रहे हैं,
तो कुछ उनके समर्थन में भी नजर आ रहे हैं।
हालांकि, ज्यादातर लोग यह मानते हैं
कि इतिहास से जुड़े महान व्यक्तित्वों के बारे में बोलते समय संयम और सम्मान बनाए रखना चाहिए।
