नई दिल्ली: डरबन के किंग्समीड स्टेडियम में 22 साल की शेफाली वर्मा नीली जर्सी पहनकर मैदान पर उतरी वो सिर्फ बल्लेबाज़ी करने नहीं आई थी उन्होंने इतिहास रच दिया। शेफाली वर्मा ने अपना 100वाँ T20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला और साथ में एक ऐसा अर्ध सतक (57 रन, 38 गेंद) जड़ा जो भारतीय महिला क्रिकेट में पहले कभी किसी ने इस मुकाम पर नहीं बनाया था।
लड़कों जैसे बाल कटवाकर मैदान में उतरी शेफाली वर्मा
रोहतक की छोटी सी बच्ची जब क्रिकेट खेलना चाहती थी तो मोहल्ले के लड़के मानते नहीं थे तब शेफाली वर्मा ने क्या किया? उन्होंने अपने अपने बाल कटवा लिए एकदम लड़को जैसे, टोपी लगा कर मैदान में घुस गई और खेलने लगी। उसी ज़िद बेखौफ अंदाज़ ने आगे चलकर दुनियाभर के गेंदबाज़ों को परेशान किया।
2019 में महज़ 15 साल और 340 दिन की उम्र में शफाली ने अंतरराष्ट्रीय T20 में कदम रखा और वो भी उसी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जिसके खिलाफ उन्होंने अब 100वाँ मैच खेला। पहली ही पारी में ऐसी बल्लेबाज़ी की कि पूरी दुनिया देखती रह गई। T20 डेब्यू पर शतक जड़ने वाली वो पहली महिला बनीं।
100वें मैच में क्या हुआ डरबन में?
भारत ने पहले बल्लेबाज़ी की और 147 रनों पर सिमट गया। मध्यक्रम लड़खड़ाया, लेकिन शेफाली ने ऊपर से मोर्चा संभाला। सात चौके और दो छक्के — 38 गेंदों में 57 रन। एक बार कैच भी छूटा 28वें रन पर, लेकिन उन्होंने मुड़कर नहीं देखा। दक्षिण अफ्रीका ने आखिरकार लक्ष्य हासिल कर लिया और सीरीज़ 2-0 से अपने नाम की, पर जीत का जश्न उनका था, लेकिन इतिहास शेफाली के नाम रहा।
भारत की उस एलीट क्लब में शामिल हुईं शेफाली
| खिलाड़ी | T20I मैच |
|---|---|
| हरमनप्रीत कौर | 192 |
| स्मृति मंधाना | 162 |
| दीप्ति शर्मा | 135 |
| जेमिमा रॉड्रिग्ज़ | 120 |
| शफाली वर्मा | 100 |
और खास बात यह है कि शेफाली इस क्लब की सबसे कम उम्र की सदस्य हैं। 22 साल और 81 दिन की उम्र में 100वाँ T20I — यह आँकड़ा किसी भारतीय महिला ने पहले नहीं छुआ। दुनिया में भी सिर्फ दो खिलाड़ी उनसे छोटी उम्र में यहाँ पहुँची हैं।
सिर्फ एक मैच नहीं ,बदलाव भी है
एक ज़माना था जब लड़कियों को क्रिकेट खेलने के लिए लड़कों जैसे दिखना पड़ता था। आज Women’s Premier League (WPL) में करोड़ों की बोलियाँ लगती हैं। शेफाली वर्मा उस बदलाव की सबसे चमकती मिसाल हैं — निडर, बेबाक और एकदम ग्लोबल।
2026 T20 वर्ल्ड कप की तैयारी में शफाली अब सिर्फ “युवा धमाकेदार” नहीं रहीं। वो टीम की रीढ़ हैं — एक छोर से टीम को संभालने वाली और दूसरे छोर से तूफान लाने वाली।
डरबन में जो गरज गूँजी, वो अभी थमी नहीं है। शफाली वर्मा ने 100 मैच नहीं खेले — उन्होंने 100 वजहें दी हैं यह मानने की कि यह शुरुआत है, अंत नहीं।
Amulya Shrivastav is a journalist who loves cricket and enjoys telling stories around it. Her interest in the sport is what led her to choose journalism as a career. She holds a Master’s degree in Journalism and writes mainly on sports, while also exploring topics like politics, health, tech, and lifestyle. Her work focuses on simple, engaging storytelling that connects with readers.
