सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। क्या यह निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका है या अभी सतर्क रहने की जरूरत? जानिए एक्सपर्ट्स की राय, ताजा रेट और आगे का आउटलुक।
नई दिल्ली: बीते कुछ कारोबारी सत्रों में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद अब सोना और चांदी थोड़ी राहत की सांस लेते नजर आ रहे हैं। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और हालिया तेज उछाल के बाद मुनाफावसूली ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा दिया है। नतीजतन, आज लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। बाजार में यह चर्चा तेज है कि क्या यह गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका बन सकती है या फिलहाल इंतजार ही बेहतर रणनीति होगी।
मुनाफावसूली से फिसला सोना
दिल्ली सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने के भाव में आज प्रति 10 ग्राम 10 रुपये की हल्की गिरावट देखने को मिली। 22 कैरेट सोना भी इसी दायरे में कमजोर हुआ। हालांकि, बीते दो दिनों की बात करें तो सोना कुल मिलाकर हजारों रुपये सस्ता हो चुका है। विश्लेषकों के मुताबिक, डॉलर इंडेक्स में मजबूती और ऊंचे स्तरों पर मुनाफा बुकिंग इसकी बड़ी वजह है।
हालांकि, केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीदारी सोने के लिए मजबूत सपोर्ट का काम कर रही है, जिससे लंबी अवधि का रुझान अब भी सकारात्मक बना हुआ है।
चांदी पर ज्यादा दबाव
सोने के मुकाबले चांदी में गिरावट थोड़ी ज्यादा रही। दिल्ली में एक किलो चांदी के दाम 100 रुपये टूटकर 2,99,900 रुपये पर आ गए। पिछले दो कारोबारी दिनों में चांदी में 50,000 रुपये से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की जा चुकी है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख बाजारों में भी चांदी लगभग इसी स्तर पर कारोबार कर रही है।
जानकारों का कहना है कि मार्जिन आवश्यकताओं में बढ़ोतरी के चलते कई ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन काटनी पड़ी, जिससे चांदी में दबाव और बढ़ गया।
प्रमुख शहरों में सोने के ताजा रेट
देश के अलग-अलग शहरों में सोने के भाव में मामूली अंतर जरूर है, लेकिन ट्रेंड हर जगह कमजोर ही बना हुआ है।
| शहर | 24 कैरेट (10 ग्राम) | 22 कैरेट (10 ग्राम) | 18 कैरेट (10 ग्राम) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,53,310 | ₹1,40,540 | ₹1,15,020 |
| मुंबई | ₹1,53,160 | ₹1,40,390 | ₹1,14,870 |
| कोलकाता | ₹1,53,160 | ₹1,40,390 | ₹1,14,870 |
| चेन्नई | ₹1,52,170 | ₹1,39,490 | ₹1,19,990 |
| बेंगलुरु | ₹1,53,160 | ₹1,40,390 | ₹1,14,870 |
| हैदराबाद | ₹1,53,160 | ₹1,40,390 | ₹1,14,870 |
| लखनऊ | ₹1,53,310 | ₹1,40,540 | ₹1,15,020 |
| पटना | ₹1,53,210 | ₹1,40,440 | ₹1,14,920 |
| जयपुर | ₹1,53,310 | ₹1,40,540 | ₹1,15,020 |
| अहमदाबाद | ₹1,53,210 | ₹1,40,440 | ₹1,14,920 |
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हालिया गिरावट किसी बड़े ट्रेंड बदलाव का संकेत नहीं है, बल्कि रिकॉर्ड स्तरों के बाद आया एक स्वाभाविक करेक्शन है। वहीं, कमोडिटी विशेषज्ञ एनएस रामास्वामी इसे तेज रैली के बाद का सामान्य “शेकआउट” बताते हैं।
उनका कहना है कि डॉलर की मजबूती ने फिलहाल दबाव बनाया है, लेकिन केंद्रीय बैंकों की खरीदारी सोने को मजबूत आधार दे रही है। 2025 की आखिरी तिमाही में जहां करीब 230 टन सोने की खरीद हुई थी, वहीं 2026 में यह आंकड़ा 800 टन से ऊपर जा सकता है। चांदी को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल इसमें उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और 80 डॉलर के स्तर के ऊपर टिकने के बाद ही इसमें बड़ा ब्रेकआउट देखने को मिलेगा।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति सही?
कुल मिलाकर, मौजूदा गिरावट को बाजार की स्वाभाविक चाल माना जा रहा है। शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए हर गिरावट धीरे-धीरे खरीदारी का मौका बन सकती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि जल्दबाजी के बजाय अपने निवेश लक्ष्य और समयसीमा को ध्यान में रखकर फैसला लें और जरूरत हो तो वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
