Lohri Festival 2026: लोहड़ी कब मनाई जाएगी? जानिए तारीख, शुभ मुहूर्त और इस पर्व का खास महत्व

Lohri Festival 2026: लोहड़ी कब मनाई जाएगी? जानिए तारीख, शुभ मुहूर्त और इस पर्व का खास महत्व

पंजाब का प्रमुख फसल पर्व Lohri 2026 में 13 जनवरी को मनाया जाएगा, जानिए अग्नि प्रज्वलन का शुभ समय और इस त्योहार की परंपराएं।

8 जनवरी 2026, नई दिल्ली

Lohri का पर्व हर साल पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। खासतौर पर पंजाब, हरियाणा और आसपास के इलाकों में इस त्योहार की अलग ही रौनक देखने को मिलती है। मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले मनाया जाने वाला यह पर्व नई फसल की खुशी और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का प्रतीक माना जाता है।

Lohri के दिन परिवार और पड़ोसी एकत्र होकर अग्नि प्रज्वलित करते हैं और उसके चारों ओर परिक्रमा करते हुए सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। दिल्ली समेत देश के कई अन्य हिस्सों में भी यह पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है।

Lohri पर्व 2026 की तारीख और शुभ मुहूर्त

साल 2026 में Lohri का त्योहार 13 जनवरी, मंगलवार को मनाया जाएगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, Lohri के दिन प्रदोष काल में अग्नि जलाना शुभ माना जाता है। इस दिन सूर्यास्त शाम 5 बजकर 44 मिनट पर होगा। सूर्यास्त के बाद करीब दो घंटे का समय Lohri पूजन और अग्नि प्रज्वलन के लिए उत्तम रहेगा।

Lohri क्यों मनाई जाती है? जानिए इसका महत्व

Lohri का पर्व मुख्य रूप से पंजाब में सिख समुदाय के लिए खास महत्व रखता है। यह त्योहार रबी फसल की कटाई से जुड़ा हुआ है और अच्छी पैदावार के लिए ईश्वर का धन्यवाद करने का अवसर देता है। इसके साथ ही सूर्य के उत्तरायण होने की खुशी में भी यह पर्व मनाया जाता है।

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शाम के समय लोग शुभ मुहूर्त में पवित्र अग्नि जलाते हैं। इसके चारों ओर परिक्रमा करते हुए रेवड़ी, मूंगफली, मक्का, नए गेहूं और जौ की बालियां अग्नि में अर्पित की जाती हैं। इस दौरान लोकगीत गाए जाते हैं, भांगड़ा और गिद्दा जैसे पारंपरिक नृत्य किए जाते हैं और एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दी जाती हैं।

Lohri का पर्व क्यों माना जाता है खास?

Lohri के साथ ही दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं, जिसे सकारात्मक बदलाव का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व न केवल फसल से जुड़ा है, बल्कि नई शुरुआत, खुशहाली और सामूहिक उत्सव की भावना को भी दर्शाता है। लोग आने वाले साल में सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ इस पर्व को पूरे हर्षोल्लास से मनाते हैं।

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